पीला रंग –

यह रंग ज्ञान और विद्या का, सुख और शांति का, अध्ययन, विद्वता, योग्यता, एकाग्रता और मानसिक तथा बौद्धिक उन्नती का प्रतीक है. यह रंग मस्तिष्क को प्रफुल्लित और उत्तेजित करता है. भगवान विष्णु का वस्त्र पीला है. पीत वस्त्र उनके असीम ज्ञान का द्योतक है. भगवान श्रीकृष्ण भी पीताम्बर से सुसज्जित हैं. भगवान गणेश की धोती पीली और दुपट्टा नीला और हरा रखा गया है. गणेश का पूजन अर्चन किसी भी शुभ कार्य के लिए अनिवार्य एवं आवश्यक है. सभी मंगल कार्यों में पीली धोती वाले गणेश विघ्नहर्ता है.

भगवा रंग –

यह त्याग, तपस्या और वैराग्य का रंग है. भारतीय धर्म में इस रंग को साधुता, पवित्रता, शुचिता, स्वक्षता और परिष्कार का द्योतक माना गया है. जैसे आग में तपकर वस्तुएं निखर उठती हैं, उनकी कालिमा और सभी दोष दूर होते हैं उसी प्रकार इस रंग को पहनने वाले अपनी विषय-वासनाओ को दग्ध कर आद्यात्मिकता की ओर अग्रसर होते हैं. यह आध्यात्मिकता का प्रतीक है. यह धार्मिक ज्ञान, तप, संयम और वैराग्य का रंग है. यह रंग शुभ संकल्प का सूचक है. यह रंग पहनने वाला अपने कर्तव्य और नैतिक उन्नति के प्रति हमेशा दृढ संकल्प रखता है.

सफ़ेद रंग –

श्वेत रंग सात रंगों का मिश्रण है. श्वेत रंग पवित्रता, शुद्धता, विद्या और शान्ति का प्रतीक हैं. इससे मानसिक, बौद्धिक और नैतिक स्वच्छेता प्रकट होती है. विद्या ज्ञान का रंग सफ़ेद है. ज्ञान हमें सांसारिक संकुचित भावना से ऊपर उठाता है और पवित्रता की ओर अग्रसर करता है. श्वेत रंग चन्द्रमा जैसी शीतलता प्रदान करता है. मोती पहनने से मन को शान्ति मिलती है.

हरा रंग –

हरा रंग समस्त प्रकृति में व्याप्त है. यह पेड़-पौधे, खेतों-पर्वतीय प्रदेश को आच्छादित करने वाला मधुर रंग हैं. यह मन को शान्ति और हृदय को शीतलता प्रदान करता है. यह मनुष्य को सुख, शान्ति, स्फूर्ति देने वाला रंग है. लाल और हरे रंगों से उद्योगशीलता स्पष्ट होती है. ऋषि-मुनियों ने अपनी आद्यात्मक उन्नति हरे-हरे पर्वत शिखरों, घास के मैदानों तक निर्झरों के हरे तटों के सुखद-शांत वातावरण में की थी. संसार के महान ग्रन्थ, मौलिक विचार, प्राचीन शास्त्र, वेद पुराण आदि उत्तम ग्रन्थ हरे शांत वातावरण में ही निर्मित हुए हैं.

नीला रंग – 

स्प्रिष्टिकर्ता नें विश्व में नीला रंग सर्वाधिक रखा है. हमारे सर पर विस्तृत अनंत नीलवर्ण का आकाश हैं. नीचे सृष्टि में विस्तृत अनंत नीलवर्ण का आकाश है. नीचे सृष्टि में समुद्र तथा सरिताओं में नीले रंग का अधिक्य है. मनोविज्ञान के अनुसार नीला रंग बल, पौरुष और वीर भाव का प्रतीक है.